कारगिल विजय दिवस : नम आंखों से शहीदों को किया याद

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मेरठ। देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर अपने प्राणो की आहुति देकर देश का मान बढ़ाने वाले वीर जवानो की वीरता के सैकड़ो किस्से  इतिहास में अमर हो गए है और उनकी इस अमर गाथाओं की वजह से ही आज हम बेखौफ हो कर अपने देश में जी रहे है | कारगिल देश के वीर जवानो की वीरता अपने आप में एक इतिहास बन गया है उन्ही की याद में कैंट स्थित पाइन डिवीजन में शुक्रवार सुबह कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। मेजर जनरल एमके दास ने सेना के अधिकारियों को संबोधित किया। साथ ही चार वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के सम्मुख स्थित अलंकृत सैनिक वाटिका में कर्नल आरके शर्मा ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी, साथ ही कारगिल युद्ध की गाथा को सुनाया। वहीँ शहर भर में जगह जगह कारगिल के शहीदों को  श्रद्धांजलि  देकर याद किया गया |  
भारतीय सेना आजादी के बाद से लगातार कई युद्धों में हमेशा से ही शानदार प्रदर्शन करती रही है। 20 साल पूर्व कारगिल युद्ध के बाद गौरव गाथा इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया है। 26 जुलाई 1999, भारतीय इतिहास का वह दिन है, जब सेना के रण बांकुरों ने कारगिल में दुश्मनों के छक्के छुड़ाकर विजय पताका फहराई तो अपना क्रांतिधरा मेरठ समेत पूरा देश झूम उठा। \

20 मई 1999 को शुरू हुए कारगिल युद्ध शुरू हुआ था। दो महीने से ज्यादा चले इस युद्ध में अपने शहर के भी रणबांकुरों ने कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों में दुश्मन के दांत खट्टे कर दिए थे। भारतीय सेना का मनोबल ऊंचा रखने में मेरठ के साथ देशवासियों द्वारा दिए जाने वाला सम्मान भी महत्वपूर्ण रहा।
मेरठ सहित पश्चिम उत्तर प्रदेश के 92 सैनिकों को शहादत देनी पड़ी। 26 जुलाई को जब भारतीय सेना ने कारगिल की दुर्गम चोटी पर तिरंगा फहराया तो पूरा देश झूम उठा था। तब से लगातार हर वर्ष सेना के जवान और देश कारगिल विजय दिवस माता आ रहा है। इस साल कारगिल के विजय की 20वीं वर्षगांठ है। इस कारण सेना की ओर से हर जगह आयोजन हो रहा है।

पश्चिम यूपी के ये जवान हुए थे शहीद

13 जून 1999 को मेजर मनोज तलवार, 13 जून 1999 को ही वीर चक्र से अलंकृत सीएचएम यशवीर सिंह, 28 जून 1999 को सेना मेडल से अलंकृत नायक सत्यपाल सिंह, पांच जुलाई 1999 को ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, तीन जुलाई 1999 को 22 ग्रेनेडियर जुबैर अहमद शहीद हुए थे।
मेरठ कैंट में तैनात 17 गढ़वाल राइफल्स के ये सपूत हुए थे शहीदः
कैप्टन जिंदू गोगोई, सूबेदार प्रताप सिह, हवनदार मदन सिंह, नायक शिव सिंह एसएम नायक ज्ञान सिंह, नायक सुरेन्द्र सिंह, लांस नायक सुरेन्द्र सिंह, लांस नायक हरीश सिंह, लांस नायक दिलवर सिंह, मदन सिंह, राम प्रसाद, देवेन्द्र प्रसाद, कृपाल सिह, दिनेश दत्त, राइफल मैन वीरेन्द्र लाल, अमित नेगी, विजय सिंह, जयदीप सिंह भंडारी, रजीत सिंह,सतीश चंद्र दलवीर सिंह, भगवान सिंह।   

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