नई दिल्ली | आम आदमी और कंपनियों को बड़ा तोहफा देते हुए आज सेंट्रल बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है. रेपो रेट 0.35 फीसदी कम होकर 5.40 फीसदी पर आ गई हैं. यह लगातार चौथा मौका है जब ब्याज दर घटाई गई हैं. पिछली तीन बैठकों में भी MPC रेपो रेट में चौथाई-चौथाई फीसदी की कटौती कर चुकी है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 के लिए जीडीपी ग्रोथ लक्ष्य भी घटाया है.
ब्याज दरें (रेपो रेट) घटाने का मतलब है कि अब बैंक जब भी आरबीआई से फंड (पैसे) लेंगे, उन्हें नई दर पर फंड मिलेगा. सस्ती दर पर बैंकों को मिलने वाले फंड का फायदा बैंक अपने उपभोक्ता को भी देंगे. यह राहत आपके साथ सस्ते कर्ज और कम हुई ईएमआई के तौर पर बांटी जाती है. इसी वजह से जब भी रेपो रेट घटता है तो आपके लिए कर्ज लेना सस्ता हो जाता है. साथ ही जो कर्ज फ्लोटिंग हैं उनकी ईएमआई भी घट जाती है.
क्यों घटाईं ब्याज दरें– आरबीआई ने महंगाई में नरमी को देखते हुए पॉलिसी रेट्स में 0.35 फीसदी की कटौती की है. इसके बाद रेपो रेट 5.40 फीसदी हो गई है. ऐसा होने पर आम लोगों के लिए बैंक से कर्ज लेना सस्ता होने और EMI घटने की उम्मीद बढ़ गई है.
